महर्षि दयानंद
🚩 महर्षि दयानंद सरस्वती के बारे में विश्व के महापुरुषों के विचार🚩
1- स्वराज और स्वदेशी का प्रथम मंत्र प्रदान करने वाले जाज्वल्यमान नक्षत्र थे दयानंद--- लोकमान्य तिलक
2- आधुनिक भारत के आद्दय निर्माता तो दयानंद ही थे महर्षि दयानंद सरस्वती उन महापुरुषों में से थे जिन्होंने स्वराज्य की प्रथम घोषणा करते हुए आधुनिक का निर्माण किया हिंदू समाज का उद्धार करने में आर्य समाज का बहुत बड़ा हाथ है-- नेताजी सुभाष चंद्र बोस
3-- सत्य को अपना ध्येय बनाए और महर्षि दयानंद को अपना आदर्श बनाएं ---स्वामी श्रद्धानंद सरस्वती
4--- महर्षि दयानंद सरस्वती इतनी बड़ी हस्ती है कि मैं उनके पांव के जूते बांधने लायक भी नहीं ---ए ओ ह्यूम
5-- स्वामी जी ऐसे विद्वान और श्रेष्ठ व्यक्ति थे जिसका अन्य मतावालंबी भी सम्मान करते थे--- सर सैयद अहमद खान
6-- आदि शंकराचार्य के बाद बुराई पर सबसे निर्भय प्रहारक थे स्वामी दयानंद ---मैडम ब्लेवेत्स्की
7-- ऋषि दयानंद का प्रादुर्भाव लोगों को कारागार से मुक्त कराने और जाति बंधन तोड़ने के लिए हुआ था उनका आदर्श है आर्यावर्त उठ जाग आगे बढ़ समय आ गया है नए युग में प्रवेश कर ---फ्रेंच लेखक रिचर्ड
8-- गांधीजी राष्ट्रपिता है पर स्वामी दयानंद राष्ट्रपितामह है--- पट्टाभी सीता रमैया
9-- भारत की स्वतंत्रता की नीव वास्तव में स्वामी दयानंद ने डाली थी--सरदार पटेल
10-- स्वामी दयानंद पहले व्यक्ति थे जिन्होंने आर्यावर्त भारत आर्यावर्तीयो भारतियो के लिए घोषणा की---एनी बेसेंट
11-- महर्षि दयानंद स्वाधीनता संग्राम के सर्वप्रथम योद्धा थे-- वीर सावरकर
12-- स्वामी दयानंद के राष्ट्रप्रेम के लिए उनके द्वारा उठाए गए कष्टों उनकी हिम्मत ब्रह्मचर्य जीवन और अन्य कई गुणों के कारण मुझको उनके प्रति आदर है उनका जीवन हमारे लिए आदर्श बन जाता है भारतीयों ने उनको विष पिलाया और वे भारत को अमृत पिला गए ---सरदार पटेल
13-- दयानंद दिव्य ज्ञान का सच्चा सैनिक था विश्व को प्रभु की चरणों में लाने वाला योद्धा और मनुष्य व संस्थाओं के शिल्पी तथा प्रकृति द्वारा आत्माओं के मार्ग से उपस्थित की जाने वाली बाधाओं का वीर विजेता था --योगी अरविंद
14-- मुझे स्वाधीनता संग्राम में सर्वाधिक प्रेरणा महर्षि दयानंद के ग्रंथों से मिली है --दादाभाई नैरो जी
15-- मैंने राष्ट्र जाति और समाज की जो सेवा की है उसका श्रेय महर्षि दयानंद को जाता है-- श्यामजी कृष्ण वर्मा
16-- स्वामी दयानंद मेरे गुरु हैं मैंने संसार में केवल उन्हीं को गुरु माना वे मेरे धर्म के पिता हैं और आर्य समाज मेरी धर्म की माता है इन दोनों की गोदी में मैं पला हूं मुझे इस बात का गर्व है कि मेरे गुरु ने मुझे स्वतंत्रता का पाठ पढ़ाया --'पंजाब केसरी लाला लाजपत राय
17-- सत्यार्थ प्रकाश का एक-एक पृष्ठ एक एक हजार का हो जाए तब भी मैं अपनी सारी संपत्ति बेचकर खरीदूंगा उन्होंने सत्यार्थ प्रकाश को 14 नालों का तमंचा बताया है ---पंडित गुरुदत्त विद्यार्थी
18-- आर्य समाज दौड़ता रहेगा तो हिंदू समाज चलता रहेगा आर्य समाज चलता रहेगा तो हिंदू समाज बैठ जाएगा आर्य समाज बैठ जाएगा तो हिंदू समाज सो जाएगा और यदि आर्य समाज सो गया तो हिंदू समाज मर जाएगा-- पंडित मदन मोहन मालवीय
19-- सारे स्वतंत्रता सेनानियों का एक मंदिर खड़ा किया जाए तो उसमें महर्षि दयानंद की मंदिर चोटी पर सबसे ऊपर होगा-- श्रीमती एनी बेसेंट
20-- अगर आर्य समाज ना होता तो भारत की क्या दशा हुई होती इसकी कल्पना करना अभी भयावह है आर्य समाज का जिस समय कार्य शुरू हुआ था कांग्रेस का कहीं पता ही नहीं था स्वराज का प्रथम उद्घोष महर्षि दयानंद ने ही किया था आर्य समाज ही था जिसने भारतीय समाज की पटरी से उतरी गाड़ी को फिर से पटरी पर लाने का कार्य किया है अगर आर्य समाज ना होता तो भारत भारत ना होता --अटल बिहारी बाजपेई
21-- मैं उस प्रचंड अग्नि को देख रहा हूं जो संसार के समस्त बुराइयों को जलाती हुई आगे बढ़ रही है वह आर्य समाज रूपी अग्नि जो स्वामी दयानंद के हृदय से निकली और पूरे विश्व में फैल गई --अमेरिकन पादरी एंड्रयू जैक्सन
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